वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी पर हुए दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे सूबे को गमगीन कर दिया है। मंगलवार को हुए इस हादसे में 13 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जिनमें अधिकांश बच्चे बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये बच्चे भोज खाने के लिए पड़ोस के गांव गए थे, लेकिन घर लौटने के दौरान गंगा की लहरों ने उनकी जिंदगी छीन ली। हादसे के बाद पीड़ित परिवारों में मातम पसरा है। इस हृदयविदारक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वैशाली में नाव पलटने की घटना में लोगों की मौत बेहद दुखद है। उन्होंने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की मदद कर रहा है।प्रधानमंत्री की ओर से घोषित सहायता के मुताबिक, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस हादसे को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताया। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति की कामना की। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजन को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।सीएम ने प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। घोषित सहायता के अनुसार, पात्रता और निर्धारित प्रक्रिया के अधीन मृतकों के परिजनों को केंद्र तथा राज्य सरकार की ओर से कुल छह लाख रुपये की सहायता मिल सकती है। राघोपुर के विधायक और राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने भी नाव हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि राघोपुर में नाव पलटने की हृदयविदारक घटना से वह मर्माहत हैं। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और शोकाकुल परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।तेजस्वी यादव ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने स्थानीय लोगों, प्रशासन और अधिकारियों से बातचीत कर राहत-बचाव तथा उपचार कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। राघोपुर दियारा क्षेत्र में नाव हादसे ने एक बार फिर नदी पार करने वाले लोगों की सुरक्षा और नाव परिचालन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बच्चों की मौत से कई परिवारों की खुशियां मातम में बदल गईं। अब जरूरी है कि हादसे की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच हो, प्रभावित परिवारों को घोषित सहायता समय पर मिले और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए नावों की सुरक्षा तथा आपातकालीन इंतजामों को मजबूत किया जाए।
