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‘लाॅ एंड अ्राॅर्डर’ को लेकर एनडीए सरकार की जीरो टाॅलरेंस नीति -डाॅ अशोक चैधरी

पटना, गुरुवार को जनता दल (यू0) प्रदेश कार्यालय, पटना में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में बिहार सरकार के माॅ0 मंत्री डाॅ0 अशोक चैधरी, डाॅ0 श्वेता गुप्ता एवं श्री मदन सहनी ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए आमजनों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। फरियादियों द्वारा प्रस्तुत आवेदनों एवं शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए तीनों मंत्रियों ने संबंधित अधिकारियों को विधिसम्मत एवं त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस मौके पर कार्यक्रम के समन्वय हेतु पार्टी की प्रदेश महासचिव सह मुख्यालय प्रभारी श्रीमती अंजुम आरा मौजूद रहीं। इस मौके पर माॅ0 मंत्री श्री अशोक चैधरी ने मीडिया से बातचीत में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनके शासनकाल में 118 से अधिक जातीय नरसंहार हुए हैं, उन्हें कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। विपक्ष को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार में कानून का राज कायम है और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार जीरो टाॅलरेंस की नीति पर पूरी मजबूती के साथ काम कर रही है।  श्री मदन सहनी ने कहा कि मा0 श्री नीतीश कुमार ने जिस सोच और उद्देश्य के साथ बिहार में शराबबंदी लागू की थी, उसका सकारात्मक असर आज समाज में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। पहले गरीब और मजदूर परिवारों में दैनिक कमाई का एक बड़ा हिस्सा शराब पर खर्च हो जाता था, लेकिन शराबबंदी के बाद इन परिवारों की आर्थिक बचत बढ़ी है और उनके जीवन में स्थिरता आई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा में भी कमी देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि विभाग को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि बिहार में यदि किसी कंपनी की शराब जब्त होती है तो संबंधित कंपनी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। शराब की तस्करी और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ भी सरकार लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। कानून तोड़ने वाला कोई भी व्यक्ति हो, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। डाॅ0 श्वेता गुप्ता ने कहा कि बिहार सरकार ने आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका के 22 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति का महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इन पदों पर जल्द ही बहाली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बड़ी संख्या में सेविका-सहायिकाओं की नियुक्ति से आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था और मजबूत होगी तथा महिलाओं एवं बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल विकास से जुड़ी सेवाओं का लाभ और बेहतर तरीके से मिल सकेगा।

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