बिहार में पूर्ण शराबबंदी आगे भी जारी रहेगी. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कर दिया है कि सरकार इस फैसले से कोई समझौता नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि शराबबंदी से राज्य को हर साल करीब 20 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है. इसके बावजूद सरकार शराबबंदी को खत्म करने के पक्ष में नहीं है. मुख्यमंत्री ने बातचीत में शराबबंदी से लेकर बाढ़, रोजगार और पलायन जैसे कई मुद्दों पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि शराबबंदी सिर्फ राजस्व का विषय नहीं है. यह बिहार की आधी आबादी के सम्मान से जुड़ा ऐतिहासिक फैसला है. सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार ने महिलाओं के आग्रह पर बिहार में शराबबंदी लागू की थी. सरकार के इस फैसले का सकारात्मक असर भी देखने को मिला है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शराबबंदी को लेकर सरकार की नीति में कोई बदलाव नहीं होगा. राजस्व का नुकसान होने के बावजूद पूर्ण शराबबंदी जारी रहेगी. बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद सरकार को शराब से मिलने वाले राजस्व का बड़ा हिस्सा गंवाना पड़ा है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, इससे हर साल करीब 20 हजार करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है. इसके बावजूद सरकार शराबबंदी को आर्थिक नजरिये से ही नहीं देख रही है. मुख्यमंत्री ने इसे महिलाओं के सम्मान और सामाजिक बदलाव से जोड़कर बताया. मुख्यमंत्री ने नीतीश कुमार के साथ अपने लंबे राजनीतिक संबंधों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वह पिछले 30 सालों से नीतीश कुमार के साथ काम कर रहे हैं. उन्होंने नीतीश कुमार को पितातुल्य बताया. भाजपा के अगले नेता को लेकर पूछे गए सवाल पर सम्राट चौधरी ने कहा कि यह फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करता है. उन्होंने इसे भाजपा का आंतरिक मामला बताया. मुख्यमंत्री ने बिहार से पलायन को लेकर भी बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि 2030 से पहले राज्य से पलायन रोक दिया जाएगा. उनके मुताबिक, तब तक पढ़ाई से लेकर रोजगार तक बेहतर व्यवस्था तैयार हो जाएगी. सरकार का जोर राज्य में ही युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर है. बाढ़ के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल से आने वाली कोसी और गंडक जैसी नदियों के कारण बिहार में बाढ़ की समस्या आती है. हाईलेवल डैम बनाने को लेकर डीपीआर की सहमति बन चुकी है. फिलहाल बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है. नदियों के भीतरी इलाकों में रहने वाले करीब 20 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. उनके लिए सामुदायिक रसोई भी चलाई जा रही है. सम्राट चौधरी ने फरक्का बराज को भी बिहार के लिए नुकसानदायक बताया. उन्होंने कहा कि इसके कारण गंगा नदी में गाद जमा हो रही है. इससे नदी की चौड़ाई अलग-अलग जगहों पर बढ़ गई है.मुख्यमंत्री के अनुसार, बक्सर में गंगा की चौड़ाई करीब 4 किमी, पटना में 11 किमी, बेगूसराय में 17 किमी और भागलपुर में 26 किमी तक हो जाती है.
