किशनगंज तेजी से बदलती जीवनशैली, असंतुलित खान पान, बढ़ता तनाव और स्वास्थ्य जांच के प्रति बढ़ती लापरवाही की वजह से आज के समय में यही कारण कैंसर जैसे गंभीर रोग को चुपचाप समाज में फैलने का अवसर दे रहे हैं। अधिकांश मामलों में बीमारी तब सामने आती है जब वह गंभीर अवस्था में पहुंच चुकी होती है, जबकि विशेषज्ञ मानते हैं कि समय पर जागरूकता और नियमित जांच से कैंसर को काफी हद तक रोका जा सकता है।इसी सोच को मजबूत करने के उद्देश्य से किशनगंज जिले में कैंसर जागरूकता सप्ताह (04 से 11 फरवरी) का आयोजन किया जा रहा है, ताकि प्रशासनिक स्तर से लेकर आम नागरिक तक यह संदेश स्पष्ट रूप से पहुंचे कि कैंसर से डरने की नहीं, समझदारी से लड़ने की जरूरत है। कैंसर जागरूकता सप्ताह के तहत जिलाधिकारी महोदय के कक्ष में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी ,सिविल सर्जन, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी,जिला कार्यक्रम प्रबंधक , प्रभारी गैर-संचारी रोग पदाधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान कैंसर की रोकथाम, समय पर जांच और जन-जागरूकता को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी विशाल राज ने जागरूकता कार्यक्रम के दौरान कहा कि कैंसर एक गंभीर बीमारी जरूर है, लेकिन सही समय पर जांच और जागरूकता के जरिए इसे नियंत्रित किया जा सकता है। आज जरूरत है कि लोग लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर स्वास्थ्य संस्थानों से संपर्क करें। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि जांच और जानकारी हर व्यक्ति तक पहुंचे।उन्होंने आमजन से अपील की कि वे इस जागरूकता सप्ताह के दौरान चल रहे कार्यक्रमों और निःशुल्क जांच सेवाओं का लाभ लें तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जांच के लिए प्रेरित करें। सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि आज के समय में कैंसर के बढ़ते मामलों के पीछे गलत खान–पान और अस्वस्थ जीवनशैली एक बड़ा कारण है। अत्यधिक तला–भुना भोजन, जंक फूड, तंबाकू और धूम्रपान से दूरी बनाकर तथा हरी सब्जियां, फल और संतुलित आहार अपनाकर कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।उन्होंने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर जागरूकता और जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि लोग समय रहते जांच करा सकें। प्रभारी गैर-संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार ने कहा कि कैंसर के अधिकांश मामलों में सबसे बड़ी समस्या जांच में देरी है। प्रारंभिक अवस्था में पहचान होने पर इलाज संभव है। इस जागरूकता सप्ताह का उद्देश्य लोगों को जांच के लिए प्रेरित करना है, ताकि बीमारी को गंभीर होने से पहले ही रोका जा सके। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के लक्षण को हल्के में न लें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच अवश्य कराएं। कैंसर जागरूकता सप्ताह के दौरान जिले भर में विभिन्न स्तरों पर कार्यक्रम, परामर्श और जांच गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का यह साझा प्रयास समाज में यह संदेश देने का है कि कैंसर कोई अभिशाप नहीं, बल्कि समय पर जागरूकता और सही जीवनशैली से नियंत्रित की जा सकने वाली बीमारी है। इस अभियान के माध्यम से यह स्पष्ट किया जा रहा है कि स्वस्थ भविष्य की शुरुआत आज की सावधानी और जागरूकता से ही संभव है
