पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के तहत आज मतदान होगा. यह चरण तय करेगा कि क्या तृणमूल कांग्रेस दक्षिण बंगाल के अपने गढ़ को बरकरार रख पाती है या भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) इसमें सेंध लगाकर सत्ता तक पहुंचने में सफल होती है. चुनाव के दूसरे चरण के तहत आज राज्य विधानसभा की 142 सीट के लिए मतदान होगा. पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में इस बात की परीक्षा हुई कि उत्तर बंगाल और आस-पास के जिलों में बीजेपी अपनी पारंपरिक बढ़त को बरकरार रख सकी है या नहीं और अब दूसरे चरण में तृणमूल कांग्रेस के गढ़ – कोलकाता, हावड़ा, उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली और पूर्वी बर्धमान के मुकाबलों पर नजर रहेगी. दूसरे चरण में जिन 142 सीट पर मतदान होना है, उनमें से तृणमूल कांग्रेस ने 2021 में 123 सीट जीती थीं, बीजेपी ने सिर्फ 18 और इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) ने एक सीट हासिल की थी. हालांकि, इस व्यापक मुकाबले के बीच भवानीपुर सीट प्रतिष्ठा का केंद्र बनी हुई है. इसे नंदीग्राम की तरह ही देखा जा रहा है, जहां 2021 में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया था. अब पांच साल बाद यह सियासी जंग तृणमूल कांग्रेस प्रमुख के गढ़ तक पहुंच गई है. तृणमूल कांग्रेस के लिए भवानीपुर सीट बचाए रखना ममता बनर्जी की राजनीतिक पकड़ को बनाए रखने और प्रतिष्ठा का सवाल है. वहीं, बीजेपी के लिए इस किले को ढहाने का मतलब बंगाल की सबसे शक्तिशाली नेता के ‘अजेय’ होने के मिथक को तोड़ना होगा. कोलकाता नगर निगम के आठ वार्डों में फैली भवानीपुर सीट को अक्सर मिनी इंडिया कहा जाता है, जहां बंगाली, गुजराती, मारवाड़ी, जैन, सिख, मुस्लिम और बिहार-झारखंड से आए प्रवासी समुदायों की विविध आबादी रहती है. बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में 3 करोड़ 21 लाख 73 हजार 837 वोटर हैं. इनमें 1 करोड़ 64 लाख 35 हजार 627 पुरुष, 1 करोड़ 57 लाख 37 हजार 418 महिलाएं और 792 थर्ड-जेंडर वोटर हैं. इस चरण में 41,001 स्टेशनों पर वोटिंग होगी और सभी पोलिंग स्टेशनों पर वेबकास्टिंग की जाएगी. सेंट्रल फोर्स की 2,321 कंपनियां तैनात चुनाव आयोग ने सात जिलों में सेंट्रल फोर्स की 2,321 कंपनियों को तैनात करते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. कुल 142 जनरल ऑब्जर्वर, 95 पुलिस ऑब्जर्वर और 100 खर्च ऑब्जर्वर तैनात हैं. साथ ही चुनाव प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए कैमरों वाले ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. कोलकाता में सेंट्रल फोर्स की 273 कंपनियों के साथ सबसे ज्यादा तैनाती है. इस चरण में जिन सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, उनमें भांगड़ में सबसे ज्यादा 19 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जबकि गोघाट में सबसे कम पांच उम्मीदवार हैं. इस चरण के मुख्य उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शामिल हैं, जो भवानीपुर से फिर चुनाव लड़ रही हैं. इस चरण के सबसे हाई-प्रोफाइल मुकाबलों में से एक में उनका मुकाबला बीजेपी के बड़े नेता सुवेंदु अधिकारी से है. वहीं कोलकाता पोर्ट में टीएमसी के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम का मुकाबला बीजेपी उम्मीदवार राकेश सिंह से है, यह अल्पसंख्यक बहुल सीट सेंट्रल कोलकाता में सत्ताधारी पार्टी के लिए बहुत अहम मानी जा रही है. इनके अलावा दूसरी जरूरी सीटों में भाटपाड़ा, जगतदल और बैरकपुर, बनगांव, दमदम, संदेशखली, हिंगलगंज, राणाघाट उत्तर और दक्षिण, रासबिहारी, जादवपुर और बालीगंज भी शामिल हैं.
दूसरे चरण की 142 सीटों पर मतदान, केंद्रीय बलों का कड़ा पहरा, इन दिग्गजों के बीच मुकाबला
