झारखंड में मिलकर सत्ता चला रहे ‘झारखंड मुक्ति मोर्चा’ और कांग्रेस, असम विधानसभा चुनाव में एक-दूसरे के आमने-सामने नजर आएंगे. असम विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी तस्वीर स्पष्ट हो गई है. कांग्रेस और जेएमएम के बीच लंबी बातचीत के बाद भी सीटों के बंटवारे पर बात नहीं बन पाई है. जेएमएम ने कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावनाएं खत्म होने के बाद अकेले चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन दिनों खुद असम में फील्ड पर उतरे हुए हैं. जेएमएम महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने बताया कि कांग्रेस से हमारा समझौता नहीं हो सका है, इसलिए हम अकेले ही चुनाव लड़ेंगे. पार्टी अब 19 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, जबकि एक सीट वाम दलों के लिए छोड़ी गई है. JMM और कांग्रेस के बीच लंबे समय से सीट बंटवारे को लेकर बातचीत चल रही थी, लेकिन यह प्रयास अंततः बेनतीजा रहा.असम विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत करने असम कांग्रेस के प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह और अध्यक्ष गौरव गोगोई रांची आए थे. दोनों दलों के बीच सम्मानजनक सीट शेयरिंग पर सहमति नहीं बन सकी, जिसके बाद झामुमो ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया. बताया गया कि कांग्रेस, झामुमो को पांच से ज्यादा सीटें देने पर राजी नहीं थी, जिसके कारण गठबंधन पर बात नहीं बन सकी.
