बजट सत्र के बीच आज दोपहर 2 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव और उस पर भारत का रुख साफ करेंगे. इससे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई बैठक में कैबिनेट सचिव ने पूरी ग्लोबल सिच्वेसन पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस संकट को लेकर सरकार अब तक क्या कदम उठा चुकी है? आगे क्या योजनाएं बनाई जा रही हैं? अलग-अलग मंत्रालय और विभाग मिलकर हालात से निपटने के लिए तैयारी कर रहे हैं, ताकि देश पर इसका असर कम से कम पड़े. कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि पीएम मोदी को शुरुआत में ही सभी पार्टियों की बैठक बुलानी चाहिए थी, ताकि एलपीजी से जुड़ी समस्या से बचा जा सकता. उन्होंने कहा कि अभी भी समय है, सभी दलों को साथ बैठाकर देश की राय ली जाए.जेडीयू सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि यह नहीं पता कि यह तनाव कब तक चलेगा. प्रधानमंत्री ने पूरे हालात की समीक्षा की है. फिलहाल एलपीजी की स्थिति नियंत्रण में है और पीएम खुद नजर रखे हुए हैं. आगे अगर हालात बिगड़ते हैं, तो सरकार उससे निपटने का रास्ता भी निकाल लेगी.कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि लोग जानना चाहते हैं कि इस बैठक से क्या नतीजा निकला? यह पहले क्यों नहीं हुई? उन्होंने मांग की कि संसद में पीएम बताएं कि जनता के पैसे की कैसे बचत हो रही है. लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए क्या इंतजाम किए गए हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में नाकाम साबित हो रही है.
