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इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से दिल्ली बनी वैश्विक टेक्नोलॉजी का केंद्र,

देश की राजधानी में आज से इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का भव्य आयोजन शुरू हो रहा है. यह सम्मेलन 16 फरवरी से 20 फरवरी तक भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है. इस समिट में दुनिया भर से करीब 2 लाख प्रतिभागियों के शामिल होने का अनुमान है. यह सम्मेलन भारत के लिए तकनीकी और कूटनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. खास बात यह है कि यह ग्लोबल साउथ के किसी देश में आयोजित होने वाला पहला बड़ा एआई शिखर सम्मेलन है. इसमें 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं. पीएम मोदी के निमंत्रण पर भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविक, एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेट्टेरी ऑर्पो और ग्रीस के प्रधानमंत्री क्यिरियाकोस मित्सोताकिस भी आ रहे हैं. इसके अलावा कजाखस्तान के प्रधानमंत्री ओलझास बेक्टेनोव, मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम, सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच, स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायके भी शिरकत करेंगे. स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन, नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री डिक स्कोफ और यूएई के अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे. आपको बता दें कि टेक्नोलॉजी की दुनिया के बड़े नाम जैसे अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई और ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन भी इस समिट का हिस्सा बन रहे हैं. इस मंच पर एआई के उपयोग, भविष्य और वैश्विक सहयोग पर चर्चा होगी. इस समिट में इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें एआई की नई तकनीकों और उनके उपयोग का प्रदर्शन होगा. यह एक्सपो 70,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है और इसमें बड़ी टेक कंपनियां, स्टार्टअप और शोध संस्थान हिस्सा ले रहे हैं. सम्मेलन के लिए दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. करीब 10,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है. लोगों को मेट्रो का उपयोग करने और समय से पहले यात्रा करने की सलाह दी गई है.

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