संसद के मानसून सत्र का आज आखिरी दिन है. राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक बयान पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में तकरार हो गया. खरगे ने कहा कि उत्तराखंड में मेरे स्टेज का शुद्धिकरण हुआ. बीजेपी के लोगों ने ऐसा किया. इस पर सदन के नेता जेपी नड्डा भड़क गए. उन्होंने कहा कि ये गंभीर विषय है. बीजेपी ऐसे कृत्य का समर्थन नहीं करती. खरगे ने कहा, मैं हल्द्वानी में था, जहां मैंने रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया. वहां लाखों लोग मौजूद थे. उस समय मैंने किसी समुदाय या धर्म का नाम नहीं लिया; मैंने केवल सरकार से जुड़े मुद्दों को दोहराया. लेकिन मेरे भाषण के बाद बीजेपी के लोगों ने उस मंच को ‘शुद्ध’ करने के लिए वहां हवन किया. क्या लोकतंत्र में ऐसा होता है? आप संविधान की रक्षा कैसे कर रहे हैं? मैं विपक्ष का नेता हूं. खरगे ने कहा कि मैंने खुद को कभी पीड़ित नहीं समझा. मैंने दलित के नाम पर हमदर्दी नहीं हासिल की. मैं इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहता. खरगे के बयान पर जेपी नड्डा ने कहा कि बीजेपी ऐसा करती है, खरगे का यह कहना गलत है. मैं ऐसे काम की भत्सर्ना करता हूं. बीजेपी ऐसे कृत्य का समर्थन नहीं करती. हम आरोपों की जांच करेंगे. अगर ऐसा हुआ है तो कड़ी कार्रवाई होगी. हम इसकी जांच करेंगे.
