सलमान खान के घर के बाहर हुई फायरिंग के मामले में गिरफ्तार एक आरोपी अनुज थापन ने बुधवार को आत्महत्या कर ली. अनुज पर सलमान के मुंबई के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर 14 अप्रैल को गोलीबारी को अंजाम देने वाले दो हमलावरों को हथियार मुहैया कराने का आरोप था. उसे मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया था. अधिकारी ने बताया कि दक्षिण मुंबई स्थित पुलिस आयुक्तालय परिसर में अपराध शाखा की इमारत है जिसकी पहली मंजिल पर बने हवालात के शौचालय में थापन ने चादर का फंदा बना कर फांसी लगा ली. इस मामले में आरोपियों के वकील अमित मिश्रा और शिवसेना ठाकरे गुट के प्रवक्ता आनंद दुबे ने भी इतने सुरक्षित लॉकअप में आरोपी की खुदकुशी पर शक जताया. एक सवाल ये भी उठा है कि कहीं अनुज को लॉकअप में टॉर्चर तो नही किया गया, जिससे परेशान होकर उसने खुदकुशी कर ली. हालांकि पुलिस का कहना है कि वो जांच में मदद कर रहा था इसलिए उसे टॉर्चर करने का सवाल ही नही उठता. ऐसे में बड़ा सवाल है कि इस मामले का सच क्या है? अब सीआईडी मामले की जांच कर रही है. सीसीटीवी में अभी तक कुछ भी संदिग्ध नही मिला है. डॉक्टरों के पैनल की उपस्थिति में अनुज के शव का पोस्टमार्टम किया जायेगा. उसकी वीडियो ग्राफी भी कराई जायेगी. उसके बाद ही जांच आगे बढ़ेगी. इस बीच आजाद मैदान पुलिस ने मामले में एडीआर दर्ज किया है. 23 साल का अनुज थापन मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच के सबसे सुरक्षित लॉकअप में रखा गया था फिर भी उसने कैसे खुदकुशी कर ली? अनुज थापन को लॉकअप की जिस पहली मंजिल पर रखा गया था वहां 6 और कैदी थे, सीसीटीवी लगा हुआ है और 4 गार्ड पहरे पर भी थे. फिर भी किसी की नजर उस पर क्यों नही पड़ी? अनुज थापन लॉरेंस विश्नोई गैंग से जुड़ा था, उसने ही पंजाब से दो पिस्तौल लाकर पनवेल में शूटरों को दी थी. उसके जरिए पुलिस साबरमती जेल में बंद लॉरेंस विश्नोई और साजिश के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन अनमोल विश्नोई तक पहुंचने की कोशिश में थी. यानी अनुज सलमान खान फायरिंग केस में साजिश की एक अहम कड़ी था. जिसके जरिए सभी कड़ियां जुड़ सकती थी लेकिन अब उसके मरने के बाद पुलिस क्या करेगी?