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बिहार बोर्ड ने रचा इतिहास, 25 दिन में जारी हुआ इंटर रिजल्ट,

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने एक बार फिर रिकॉर्ड बनाते हुए इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 का परिणाम महज 25 दिनों में जारी कर दिया। इसके साथ ही बोर्ड ने लगातार आठवें वर्ष मार्च माह में इंटर का रिजल्ट घोषित कर देश में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस वर्ष 13.04 लाख से अधिक परीक्षार्थियों का परिणाम मूल्यांकन शुरू होने के बाद रिकॉर्ड समय में जारी किया गया। परीक्षा में कुल 85.19% छात्र-छात्राएं सफल रहे।  बता दें कि, तीनों संकाय आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स की टॉप 5 मेधा सूची में कुल 26 छात्रों ने स्थान बनाया, जिनमें 19 छात्राएं शामिल हैं। बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर के नेतृत्व में परीक्षा प्रणाली में तकनीकी सुधार और नवाचारों के कारण यह संभव हो सका। वर्ष 2019 से लगातार बिहार बोर्ड रिकॉर्ड समय में इंटर का रिजल्ट जारी कर रहा है। इस बार भी प्री-प्रिंटेड कॉपियां (बारकोड और लिथोकोड के साथ) और ओएमआर शीट पर परीक्षार्थियों की पूरी जानकारी व फोटो पहले से प्रिंट कर दी गई थी। इससे त्रुटियों की संभावना कम हुई और मूल्यांकन प्रक्रिया तेज हुई। सभी मूल्यांकन केंद्रों पर कंप्यूटर की व्यवस्था कर कॉपियों के अंक सीधे डिजिटल माध्यम से दर्ज किए गए। साथ ही, बोर्ड ने नए कंप्यूटरीकृत फॉर्मेट और सॉफ्टवेयर विकसित कर रिजल्ट प्रोसेसिंग को और तेज बनाया। परीक्षा में कदाचार रोकने के लिए हर विषय के 10 सेट प्रश्नपत्र तैयार किए गए थे। राज्यभर में 152 मॉडल परीक्षा केंद्र बनाए गए, जहां विशेष रूप से छात्राओं के लिए बेहतर व्यवस्था की गई। परीक्षा केंद्रों पर दो स्तर की जांच (फ्रिस्किंग), सीसीटीवी निगरानी और 200 मीटर के दायरे में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक जैसे सख्त उपाय लागू किए गए। परीक्षा व्यवस्था में सुधार और नवाचार के लिए बिहार बोर्ड को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। वर्ष 2022 में सिविल सेवा दिवस के अवसर पर बोर्ड अध्यक्ष को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। बोर्ड अध्यक्ष ने परिणाम जारी होने के मौके पर सभी सफल छात्रों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही इस प्रक्रिया में सहयोग देने वाले जिला प्रशासन, शिक्षकों और कर्मचारियों को भी धन्यवाद दिया।

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