पटना 04 मई 2026।
पश्चिमी चंपारण से प्रारंभ हुई श्री निशांत कुमार की सद्भाव यात्रा के अंतर्गत बेतिया स्थित बापू सभागार में भव्य एवं ऐतिहासिक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संगठन जिला बगहा एवं पश्चिमी चंपारण के पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक के समस्त पार्टी पदाधिकारी, वरिष्ठ नेतागण एवं बड़़़़़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री निशांत कुमार, मा0 प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा, जद(यू) विधायक दल के नेता श्री श्रवण कुमार, श्री संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, मा0 सांसद श्री सुनील कुमार सहित मा0 विधायकगण, मा0 विधानपार्षदगण एवं अन्य सम्मानित नेतागण उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पश्चिमी चंपारण जिला अध्यक्ष श्री कन्हैया कुशवाहा द्वारा की गई, जबकि मंच संचालन बगहा के जिला अध्यक्ष सह पूर्व विधायक श्री प्रभात रंजन ने किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री निशांत कुमार ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्याग्रह की शुरुआत चंपारण की धरती से की थी और उसी परंपरा को आगे बढ़़़ाते हुए माननीय नीतीश कुमार ने भी अपनी सभी प्रमुख यात्राओं और जनसंपर्क अभियानों की शुरुआत इसी भूमि से की है। उसी क्रम में वे भी अपनी पहली राजनीतिक यात्रा की शुरुआत इसी पावन धरती से कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे संगठन के हर स्तर तक यह संदेश पहुँचाएं कि हम सभी नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में ही कार्य कर रहे हैं और उनके विचारों एवं कार्यों को जनता तक पहुंचाना और उनके अधूरे कामों को पूरा करना ही हमारा संकल्प है।
श्री निशांत कुमार ने कहा कि वर्ष 2005 के बाद बिहार में विधि-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। उस समय जो भय, अपराध और अपहरण का वातावरण था, उसे समाप्त कर शांति और सौहार्द का माहौल स्थापित किया गया। उन्होंने कहा कि श्री नीतीश कुमार ने ‘‘ट्रिपल सी’’ (ब्तपउमए ब्वततनचजपवद और ब्वउउनदंसपेउ) से कभी समझौता नहीं किया और वे स्वयं भी इसी नीति से कभी समझौता नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि 2005 में सत्ता में आने के बाद श्री नीतीश कुमार ने भागलपुर दंगे की निष्पक्ष जांच कराकर पीड़ितों को न्याय एवं मुआवजा तथा दोषियों को सजा सुनिश्चित किया गया। थारू समाज सहित समाज के सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़़़़ने का कार्य किया गया है। साथ ही दहेज प्रथा, बाल विवाह पर रोक तथा शराबबंदी जैसे ऐतिहासिक निर्णयों को लागू कर सामाजिक सुधार की मजबूत नींव रखी गई है। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, साइकिल एवं पोशाक योजना जैसी योजनाएँ शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी साबित हुई हैं, जिससे शिक्षा के प्रति आकर्षण में ऐतिहासिक वृद्धि हुई और साक्षरता दर में भी ऐतिहासिक सुधार हुआ।
अंत में उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मा0 नीतीश कुमार जी के बीस वर्षों के कार्यों और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाएं। जद(यू) एक समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष विचारधारा वाली पार्टी है, इसलिए सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे संगठन को मजबूत करें। संगठन मजबूत होगा तो कार्यकर्ता मजबूत होंगे, कार्यकर्ता मजबूत होंगे तो सरकार मजबूत होगी और सरकार मजबूत होगी तो जनता मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य शोषित, पिछड़़़े और कमजोर वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़़ना है।
श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि वे इससे पहले भी पश्चिमी चंपारण की धरती पर आ चुके हैं, लेकिन इस बार जैसा उत्साह, उमंग और जोश देखने को मिला है, वैसा पहले कभी नहीं देखा गया। यह इस बात का प्रमाण है कि जद(यू) का भविष्य आने वाले कई दशकों तक उज्ज्वल है और पार्टी सबसे मजबूत राजनीतिक ताकत के रूप में उभरने जा रही है। उन्होंने कहा कि जब मा0 नीतीश कुमार जी ने राज्यसभा जाने का निर्णय लिया, तो पूरे बिहार में सन्नाटा और कार्यकर्ताओं के बीच अंधेरा छा गया था, और उसी अंधेरे को समाप्त करने के लिए निशांत आगे आए, जिससे कार्यकर्ताओं में नई उम्मीद और नई ऊर्जा का संचार हुआ। उन्होंने कहा कि श्री निशांत चाहते तो पद ग्रहण कर सकते थे, लेकिन उन्होंने जनता के बीच जाकर कार्य करने का मार्ग चुना। उन्होंने कहा कि श्री निशांत, श्री नीतीश कुमार के विचारों से प्रेरित होकर कार्य कर रहे हैं और उनके द्वारा शुरू की गई ‘‘न्याय के साथ विकास’’ की यात्रा को आगे बढ़़़ाने के लिए संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि श्री निशांत की यात्रा के दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं का दिल जीता है और उनके पीछे पार्टी का एक एक कार्यकर्ता पूरी मजबूती से खड़़़ा है।
श्री श्रवण कुमार ने कहा कि श्री निशांत कुमार की इच्छा थी कि वे संगठन की अंतिम पंक्ति, यानी पंचायत और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित करें। इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने सद्भाव यात्रा की शुरुआत की और आज कार्यकर्ताओं के बीच उपस्थित हुए हैं। उन्होंने कहा कि श्री निशांत कुमार ने सत्ता के आकर्षण से दूर रहकर एवं पद और कुर्सी का त्याग कर जनसेवा एवं संगठन सशक्तिकरण का मार्ग चुना है, जो युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने संकल्प लिया है कि वे श्री नीतीश कुमार के विचारों, आदर्शों, सुशासन एवं विकास माॅडल को आगे बढ़़़़ाने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि मा0 श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने विकास और सुशासन का नया अध्याय लिखा है। हर वर्ग, हर समुदाय और हर क्षेत्र तक विकास की रोशनी पहुँचाई गई है। इसी विकास यात्रा को आगे बढ़़़़़ाने का दायित्व अब नई पीढ़ी के नेतृत्वकर्ता के रूप में निशांत कुमार निभाएंगे, जो नीतीश कुमार जी के पदचिन्हों पर चलते हुए आगे बढ़़़़ रहे हैं। अंत में उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि जिस प्रकार उन्होंने श्री नीतीश कुमार जी को लंबे समय तक अपना स्नेह, समर्थन और आशीर्वाद दिया है, उसी प्रकार निशांत कुमार को भी अपना पूर्ण सहयोग, समर्थन और आशीर्वाद प्रदान करें।
