सम्राट कैबिनेट के मंत्रियों ने एक-एक कर अपने-अपने विभाग का कार्यभार संभालना शुरू कर दिया है. आज मंत्री दिलीप जायसवाल और मंत्री केदार गुप्ता ने पदभार संभाला. दिलीप जायसवाल को राजस्व विभाग की जिम्मेदारी एक बार फिर से सौंपी गई है. बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनने से पहले दिलीप जायसवाल राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री रह चुके हैं. इस दौरान मीडिया से बात करते हुए मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, मैं पहले भी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का मंत्री रह चुका हूं. करीब 11 हजार कर्मियों की बहाली हुई थी. बहुत दिन के बाद सर्वे की शुरुआत हुई थी. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग बिहार की आम जनता से जुड़ा और सबसे चुनौतीपूर्ण विभाग है. कभी इसके काल कोठरी भी कहा जाता था. आगे उन्होंने यह भी कहा कि पदाधिकारियों और कर्मचारियों की हड़ताल चल रही थी. करीब 3 महीने से विभाग के बहुत सारे काम ठप पड़े हुए थे. आम जनता को कठिनाई हो रही थी. विभाग के प्रयास से फिर से सब कुछ पटरी पर आ रहा है. सख्त लहजे में उन्होंने यह भी कहा कि नीचे स्तर पर विभाग की काफी नाकामी है, जिसको लेकर विभाग लगातार प्रयास कर रहा है कि विभाग के अंदर साफ-सुथरा और स्वच्छ काम लोगों तक मिल सके. दिलीप जायसवाल ने यह भी कहा कि पहले भी इस विभाग में क्लियर संदेश दिया था कि मैं किसी भी परिस्थिति में गलत करने पर बख्शने वाला नहीं हूं और पहले भी कार्रवाई की थी. आज भी कहा रहा हूं विभाग जन मानस के पटल पर खरा उतरेगा. किसी को भी परेशानी ना हो, इसका प्रयास करूंगा.राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की जिम्मेदारी इससे पहले विजय कुमार सिन्हा के पास थी. पिछले करीब 86 दिनों से विभाग के पदाधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर थे. इसकी वजह से विभाग का काम प्रभावित हो रहा था. लेकिन कल (गुरुवार) ही उन्होंने अपनी हड़ताल खत्म की. गुरुवार को ही सम्राट कैबिनेट के नए मंत्रियों ने शपथ ग्रहण किया था.
