पटना। जद (यू) राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री राजीव रंजन प्रसाद एवं प्रदेश प्रवक्ता श्री नवल शर्मा ने संयुक्त रुप से प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछले लगभग दो दशकों में बिहार ने सुशासन, विकास और स्थिरता की दिशा में एक ऐतिहासिक परिवर्तन देखा है। उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार में क्रेडिट-डिपाॅजिट अनुपात में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। साल 2005 में यह अनुपात लगभग 32 प्रतिशत के आसपास था, जो अब बढ़कर लगभग 60 प्रतिशत तक पहुँच चुका है। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चैधरी की सरकार का लक्ष्य इसे और आगे बढ़ाते हुए शत-प्रतिशत के स्तर तक ले जाना है, जिससे राज्य में बैंकिंग निवेश और ऋण प्रवाह में और तेजी आएगी तथा लगभग ढाई से तीन लाख करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त निवेश की संभावनाएँ बनेंगी। यह परिवर्तन केवल आंकड़ों का बदलाव नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि बिहार में निवेश का माहौल मजबूत हुआ है और उद्योगों के प्रति विश्वास बढ़ा है। हाल के वर्षों में राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें हजारों करोड़ रुपये की औद्योगिक परियोजनाएँ शामिल हैं। इससे रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार द्वारा वर्ष 2025 से 2030 के बीच 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराने का जो संकल्प लिया गया था, उसे माननीय सम्राट चैधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने आगे बढ़ाते हुए इसे धरातल पर उतारने की दिशा में ठोस कदम बढ़ा दिया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर भर्तियाँ की जा रही हैं, औद्योगिक विकास क्षेत्रों का विस्तार किया जा रहा है तथा नीतिगत सुधारों को भी तेज गति से लागू किया जा रहा है। यह पहल आने वाले समय में बिहार को एक रोजगार-आधारित और आर्थिक रूप से सशक्त राज्य के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। स्वास्थ्य क्षेत्र पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि माननीय श्री निशांत कुमार के नेतृत्व में राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को जनसुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहलें प्रारंभ की गई हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अमीर हो या गरीब, सभी नागरिकों को समान और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हों। डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली के विस्तार, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने जैसे कई कदम उठाए जा रहे हैं। 2005 के बाद बिहार की राजनीति में एक बड़ा परिवर्तन आया, जिसके तहत विकास, सुशासन और कार्यकुशलता को केंद्र में रखा गया। आज बिहार की जनता काम और विकास की राजनीति पर भरोसा करती है और चुनावी जनादेश भी इसी विश्वास को दर्शाता है।
