भूकंप जब किसी देश को हिलाकर रख देता है, तब सबसे बड़ी जरूरत केवल मलबा हटाने की नहीं होती, बल्कि जिंदगियां बचाने की होती है. ऐसे समय में जो देश बिना किसी स्वार्थ के मदद के लिए सबसे पहले हाथ बढ़ाता है, उसकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है. वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत ने भी यही संदेश दिया है. केंद्र सरकार ने ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ की शुरुआत करते हुए राहत और चिकित्सा सहायता का बड़ा मिशन शुरू किया है. हजारों किलोमीटर दूर बसे इस लैटिन अमेरिकी देश के लिए भारतीय वायुसेना के दो C-17 विमान राहत सामग्री और मेडिकल टीम लेकर रवाना हो चुके हैं. यह अभियान केवल सहायता नहीं, बल्कि भारत की मानवीय कूटनीति और वैश्विक जिम्मेदारी का भी प्रतीक माना जा रहा है. भारत का यह मिशन केवल दवाइयां भेजने तक सीमित नहीं है. इसके साथ प्रशिक्षित सैन्य डॉक्टर, आधुनिक चिकित्सा उपकरण और भारत में विकसित अत्याधुनिक BHISHM Cube भी भेजा गया है. प्राकृतिक आपदाओं में शुरुआती घंटों में चिकित्सा सहायता सबसे अहम होती है. ऐसे में भारत ने अपनी सैन्य और चिकित्सा क्षमता को वेनेजुएला के लोगों की मदद के लिए लगाया है. सरकार का कहना है कि यह अभियान संकट की घड़ी में दोस्ती और मानवता दोनों का संदेश देता है. ऑपरेशन अमिस्ताद के तहत भारतीय सेना के 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल की 41 सदस्यीय विशेष मेडिकल टीम को वेनेजुएला भेजा गया है. इस टीम में 9 डॉक्टर शामिल हैं, जो प्रभावित इलाकों में तत्काल चिकित्सा सेवाएं देंगे. इनके साथ करीब 6 टन मेडिकल सामग्री, आवश्यक दवाइयां और राहत सामग्री भी भेजी गई है. इन सभी संसाधनों को भारतीय वायुसेना के दो C-17 ग्लोबमास्टर परिवहन विमानों के जरिए रवाना किया गया है, ताकि राहत सामग्री कम से कम समय में प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच सके. भारत ने इस अभियान में BHISHM Cube भी भेजा है, जिसे आपदा राहत के लिए विकसित एक अत्याधुनिक मोबाइल फील्ड हॉस्पिटल माना जाता है. यह यूनिट आपातकालीन इलाज, सर्जरी और एक समय में 200 मरीजों तक गहन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में सक्षम है. आपदा प्रभावित इलाकों में जहां अस्पताल क्षतिग्रस्त हो जाते हैं या स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ जाती हैं, वहां यह तकनीक तेजी से चिकित्सा व्यवस्था खड़ी करने में मदद करती है.
