ePaper

कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को नमन, पूर्व सैनिकों और सेना के अधिकारियों का हुआ सम्मान

बलिया/बेगूसराय प्रखंड क्षेत्र के सदानंदपुर स्थित मां चंद्रिका खेल प्रांगण में रविवार की देर संध्या कारगिल विजय दिवस के अवसर पर एक भव्य एवं भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया तथा भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और बलिदान को नमन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ उपस्थित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। आयोजन एवं मंच संचालन की जिम्मेदारी पूर्व सैनिक संतोष राय ने निभाई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, सेना के अधिकारी, स्थानीय नागरिक एवं युवा उपस्थित रहे। इस अवसर पर बिहार राज्य पूर्व सैनिक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश रंजन, कर्नल (सेवानिवृत्त) आर. डी. सिंह, कैप्टन विजय सिंह, पूर्व सैनिक पंकज कुमार, बेगूसराय अनुश्रवण समिति के उपाध्यक्ष सैयद अकील अख्तर, पूर्व सैनिक संघ के उपाध्यक्ष मनोज कुमार, प्रभात कुमार सिंह, रितेश कुमार सिंह, अभय कुमार, सुनील कुमार राय, चंदन कुमार, अभिषेक कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। वहीं खगड़िया जिला से कमांडो निरंजन कुमार एवं राकेश कुमार ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि मुख्य अतिथि के रूप में बेगूसराय के वीर सपूत एवं शहीद कैप्टन ऋषि रंजन के माता-पिता उपस्थित रहे। उनके मंच पर पहुंचते ही पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उपस्थित लोगों ने खड़े होकर उनका सम्मान किया और शहीद कैप्टन ऋषि रंजन के अदम्य साहस एवं सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में बेगूसराय की मेयर पिंकी देवी, पूर्व मेयर संजय कुमार तथा विधायक बाबूलाल शौर्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, साहस और त्याग का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के वीर जवानों के कारण ही देश की सीमाएं सुरक्षित हैं और प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह सैनिकों के बलिदान का सम्मान करे। कार्यक्रम के दौरान सेना के अधिकारियों, जवानों एवं पूर्व सैनिकों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह ने पूरे आयोजन को और अधिक गरिमामय बना दिया। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति हुई, जिसमें कलाकारों ने देशभक्ति गीत, संगीत और नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। “ऐ मेरे वतन के लोगों” और अन्य देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति के दौरान पूरा माहौल राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया। कार्यक्रम में सभी अतिथियों ने कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को सदैव स्मरण रखने का संकल्प लिया। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए शहीदों का बलिदान सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
Instagram
WhatsApp