बेगूसराय(कौनैन अली):एमपी-एमएलए न्यायालय ने बिहार सरकार की पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा को अवैध हथियार रखने के मामले में सात-सात साल की कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला चेरियावरियारपुर थाना कांड संख्या-143/2018 से जुड़ा हुआ है, जिसमें पति पत्नी दोनों को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाया गया।
ज्ञात हो कि चर्चित चेरिया बरियारपुर थाना कांड संख्या-143/2018 में शनिवार को एमपी-एमएलए कोर्ट ने पूर्व मंत्री मंजू वर्मा एवं उनके पति चंद्रशेखर वर्मा को दोषी करार देते हुए सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
एमपी-एमएलए विशेष सत्र वाद संख्या-212143/18 में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-2) सह विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट ब्रजेश कुमार सिंह ने दोनों को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाया। न्यायालय ने सुनवाई पूरी होने के बाद दोनों को सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
फैसला सुनाए जाने के बाद न्यायालय के आदेश पर मंजू वर्मा एवं चंद्रशेखर वर्मा को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। लोक अभियोजक संतोष कुमार ने बताया कि यह मामला वर्ष 2018 में चेरिया बरियारपुर थाना में दर्ज किया गया था। मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने शनिवार को अपना फैसला सुनाया।पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के पुत्र चेरिया बरियारपुर के जेडीयू से विधायक हैं।
जानकारी के मुताबिक 17 अगस्त 2018 को सीबीआई/एसीबी धन्यवाद के डीएसपी उमेश कुमार ने पूर्व मंत्री मंजू वर्मा और उसके पति के चेरिया बरियारपुर थाना क्षेत्र के अर्जुन टोल स्थित घर पर छापेमारी की थी।इस छापेमारी दौरान उसके घर से अवैध रूप से हथियार बरामद की गई थी।जिसके बाद सीबीआई /एसीबी के डीएसपी उमेश कुमार ने चेरिया बरियारपुर थाना में 143/2018 दर्ज कराई थी।
