कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव स्थित बांध के समीप सड़क पर एक लड़की के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने का वीडियो बुधवार की देर शाम इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो पुलिस के संज्ञान में आते ही पुलिस सक्रिय हो गई। त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपितों की गिरफ्तारी की गई है आरोपितों में कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव निवासी रामसुंदर शर्मा का पुत्र विकास कुमार, अरुण पासवान का पुत्र राहुल कुमार और महेश्वर सहनी का पुत्र रामबाबू सहनी तथा बिजौलिया गांव निवासी नेवालाल पासवान का पुत्र अवधेश पासवान शामिल हैं। बताया गया कि सोशल मीडिया निगरानी के दौरान सामने आए वीडियो का तत्काल तकनीकी सत्यापन कराया गया। सत्यापन के आधार पर घटनास्थल की पहचान जगतसिंहपुर बांध के पास सड़क के रूप में की गई। पुलिस के अनुसार यह घटना करीब एक सप्ताह पुरानी बताई जा रही। वीडियो में तीन-चार युवक एक लड़की के साथ अभद्र व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं। प्रथमदृष्ट्या लड़की नाबालिग प्रतीत हो रही है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने पीड़िता की पहचान स्थापित होने का इंतजार किए बिना पुलिस पदाधिकारी के बयान पर कर्पूरीग्राम थाना में प्राथमिकी दर्ज की। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) पाक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत कर्पूरीग्राम थाना कांड संख्या 117/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने वीडियो सामने आने के बाद आरोपितों की पहचान के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। तकनीकी जांच और अन्य माध्यमों से आरोपितों की पहचान की गई। सूचना मिलने के करीब छह घंटे के भीतर ही घटना में शामिल चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया। सभी से पूछताछ के बाद पुलिस अग्रतर विधि-सम्मत कार्रवाई में जुटी है। वायरल वीडियो में दिख रही लड़की प्रथमदृष्ट्या नाबालिग प्रतीत हो रही है। फिलहाल पीड़िता की पहचान स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस वीडियो के स्रोत, घटना में शामिल लोगों की भूमिका और घटना के वास्तविक कारणों की भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। समस्तीपुर पुलिस ने मीडिया और इंटरनेट मीडिया यूजर से अपील की है कि वायरल वीडियो या उससे संबंधित किसी भी पोस्ट को इस तरह साझा नहीं करें, जिससे पीड़िता की पहचान उजागर हो। साइबर डीएसपी दुर्गेश दीपक ने कहा कि पीड़िता की पहचान उजागर करने वाला अथवा उसके लिए मानसिक एवं सामाजिक क्षति का कारण बनने वाला कोई भी कंटेंट इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने से बचना चाहिए। उन्होंने ने लोगों से वीडियो को आगे शेयर नहीं करने की अपील की है। पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले पोस्ट या कंटेंट का प्रसार कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है। मामले में पुलिस इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित सामग्री की भी निगरानी कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा कि वीडियो किसने और कब किन परिस्थितियों में वायरल की है।
