भारतीय वायु सेना अपने 94वें स्थापना दिवस की जोर शोर से तैयारियों में जुटी है. 8 अक्टूबर को होने वाले वायु सेना दिवस से पहले गाजियाबाद के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन में मुख्य परेड और फुल ड्रेस रिहर्सल का आयोजन किया जा रहा है. खास बात ये है कि इस दौरान प्रदर्शनी में बार पहली बार ब्रह्मोस मिसाइल को भी शामिल किया गया. हिंडन एयरबेस पर होने वाली प्रदर्शनी में ब्रह्मोस मिसाइल के साथ तेजस, सुखोई-30 एमकेआई और प्रचंड जैसे प्रमुख स्वदेशी और आधुनिक एयर एसेट्स भी प्रदर्शित किए जा रहे हैं. इससे वायु सेना की बढ़ती स्ट्राइक क्षमता और स्वदेशी ताकत की झलक मिलेगी. 8 अक्टूबर को हिंडन में होने वाली मुख्य परेड की सलामी एयर चीफ मार्शल एपी सिंह लेंगे. कार्यक्रम में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और कई वीवीआईपी मेहमानों के शामिल होंगे. हालांकि, इस बार भी हिंडन में बड़े स्तर का एयर शो नहीं होगा, लेकिन फ्लाईपास्ट और चुनिंदा हवाई करतब के जरिए वायु सेना अपनी ऑपरेशनल ताकत का प्रदर्शन करेगी.इस साल वायु सेना दिवस का एक बड़ा आकर्षण वाराणसी होगा. पहली बार नमो घाट के ऊपर वायु सेना के विमान हवाई करतब दिखाएंगे. इसका उद्देश्य वायु सेना दिवस के आयोजन को देश के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाना और आम लोगों को भारतीय वायु सेना की ताकत को करीब से देखने का मौका देना है.पिछले कुछ वर्षों में वायु सेना दिवस के आयोजन को चंडीगढ़, प्रयागराज, चेन्नई और हिंडन जैसे अलग-अलग शहरों तक पहुंचाया गया है. इस बार वाराणसी को चुनकर वायु सेना ने अपने एयर शो को देश के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक केंद्र तक पहुंचाने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है.94वें वायु सेना दिवस पर दिखेगा दम 94वें वायु सेना दिवस पर भारतीय वायु सेना अपनी एयर पावर और आधुनिक युद्ध क्षमता की झलक दिखाने के लिए तैयार है. वायुसेना दिवस 1932 में भारतीय वायुसेना को देश के सशस्त्र बलों में आधिकारिक रूप से शामिल किए जाने की याद में मनाया जाता है. हर वर्ष यह दिवस भारतीय वायुसेना प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में मनाया जाता है.
