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कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल ने पश्चिमी भारत में पहली बार पल्स्ड फील्ड एब्लेशन तकनीक से किया सफल इलाज,

पटना, कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल ने हृदय की अनियमित धड़कनों (एट्रियल फाइब्रिलेशन) के इलाज में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए पश्चिमी भारत में पहली बार पल्स्ड फील्ड एब्लेशन तकनीक का सफल उपयोग किया। 62 वर्षीय महिला मरीज का इलाज 16 जून को इस अत्याधुनिक तकनीक से किया गया और उन्हें मात्र 24 घंटे के भीतर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल में कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट और इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिस्टऔर हार्ट रिदम एंड कार्डिएक डिवाइस सर्विसेज‘ के ग्रुप लीडडॉवेंकट डी नागराजन ने कहा, पल्स्ड फील्ड एब्लेशन एट्रियल फाइब्रिलेशन के इलाज में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है। असामान्य हृदय टिश्यूज़ को टार्गेट  करने के लिए हाई एनर्जी इलेक्ट्रिकल पल्स का उपयोग करके, यह तकनीक पारंपरिक एब्लेशन तरीकों की तुलना में एक अधिक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प प्रदान करती है। पश्चिमी भारत में इसकी शुरूआत हमारे मरीज़ों को उनके घर के करीब ही वैश्विक स्तर की उन्नत हृदय चिकित्सा उपलब्ध कराने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है। मरीज़ ने बताया, मैंने कभी उम्मीद नहीं की थी कि मैं अगले ही दिन अस्पताल से पैदल चलकर बाहर आ जाऊँगी। महीनों से तेज़ धड़कनों ने मेरी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर रखा था। मुझे ऐसा महसूस हो रहा है जैसे मुझे नया जीवन मिल गया हो। यह प्रक्रिया मेडट्रॉनिक पल्ससिलेक्ट™ पल्स्ड फील्ड एब्लेशन सिस्टम की मदद से 90 मिनट से भी कम समय में पूरी की गई, जबकि वास्तविक एब्लेशन में 30 सेकंड से भी कम समय लगा। यह पारंपरिक एब्लेशन तकनीकों की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत समय की बचत करता है। मरीज के एक सप्ताह के भीतर सामान्य दिनचर्या में लौटने की उम्मीद है। यह तकनीक पहले अमेरिका और यूरोप में अपनाई जा चुकी है। मुंबई में इसकी शुरुआत से महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा और मध्य प्रदेश सहित पश्चिमी भारत के मरीजों को पहली बार अपने क्षेत्र में ही विश्वस्तरीय, आधुनिक हृदय उपचार की सुविधा उपलब्ध हो गई है। अस्पताल ने कहा कि यह उपलब्धि भारत में उन्नत हार्ट रिदम उपचार को नई दिशा देने की उसकी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।

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