गोपालगंज, टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने और टीबी मरीजों को उपचार के साथ बेहतर पोषण उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन की ओर से लगातार पहल की जा रही है। इसी क्रम में जिलाधिकारी श्री समीर सौरभ सोमवार को ‘निक्षय मित्र’ की भूमिका में नजर आए। उन्होंने जिला पदाधिकारी के कार्यालय प्रकोष्ठ में टीबी मरीजों के बीच पौष्टिक आहार किट का वितरण किया तथा मरीजों से संवाद कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने मरीजों को नियमित रूप से दवा लेने, चिकित्सकों की सलाह का पालन करने तथा पौष्टिक एवं संतुलित आहार का सेवन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि टीबी अब लाइलाज बीमारी नहीं है। समय पर इसकी पहचान, चिकित्सकीय सलाह के अनुसार नियमित उपचार और पौष्टिक भोजन के सेवन से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से मरीजों से अपील की कि वे उपचार के दौरान किसी भी परिस्थिति में दवा बीच में न छोड़ें। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मरीजों के उपचार में दवाओं के साथ-साथ बेहतर पोषण की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। कमजोर पोषण की स्थिति मरीज के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। ऐसे में ‘निक्षय मित्र’ बनकर समाज के सक्षम लोग मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने समाज के सक्षम नागरिकों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों एवं अन्य संस्थाओं से आगे बढ़कर ‘निक्षय मित्र’ बनने की अपील की। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मरीजों को अपनापन और सामाजिक सहयोग देने से उनके उपचार की प्रक्रिया को मजबूती मिलती है। सामूहिक प्रयासों से ही जिले और देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है। बताया गया कि टीबी मरीजों के बीच पौष्टिक आहार किट का वितरण प्रत्येक माह के अंतराल पर किया जाएगा। इसी क्रम में सोमवार को मरीजों को दूसरी किस्त के रूप में पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया गया। इसका उद्देश्य मरीजों को उपचार की पूरी अवधि के दौरान निरंतर पोषण सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे नियमित उपचार के साथ स्वस्थ जीवन की ओर तेजी से बढ़ सकें। जिलाधिकारी ने इस दौरान मरीजों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी समस्याओं और उपचार से संबंधित स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि टीबी मरीजों के उपचार एवं निगरानी में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मरीजों को समय पर दवा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी नियमित जांच और उपचार की स्थिति की निगरानी सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि जिले में टीबी मरीजों की पहचान, जांच और उपचार का कार्य लगातार जारी है। संदिग्ध मरीजों की जांच कर संक्रमित पाए जाने पर उनका उपचार शुरू किया जा रहा है। सरकार की ओर से टीबी मरीजों को आवश्यक दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं तथा उनके उपचार की नियमित निगरानी की जाती है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य टीबी मरीजों को बेहतर पोषण, समय पर उपचार और सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराना है। ‘निक्षय मित्र’ पहल के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को टीबी मरीजों की सहायता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे मरीजों को उपचार के दौरान आर्थिक एवं सामाजिक सहयोग के साथ पौष्टिक आहार भी उपलब्ध हो सकेगा। इस अवसर पर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. अरविंद कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
