बिहार में हुआ नेतृत्व परिवर्तन राजस्व और भूमि सुधार विभाग के कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार के दौरान विभाग के 224 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया था. लेकिन अब नीतीश कुमार के राज्य सभा चले जाने और उनकी जगह सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनका निलंबन निरस्त कर दिया गया है. राजस्व कर्मचारियों के लिए इस फैसले को बड़ी राहत बताया जा रहा है. इन कर्मचारियों को तत्कालीन उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने निलंबित किया था जिसे अब सीएम सम्राट चौधरी ने पलट दिया है. दरअसल इस साल फरवरी में राजस्व कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी थी. लेकिन तब उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस हड़ताल के खिलाफ सख्त कदम उठाया जो राजस्व विभाग के मंत्री थे. सिन्हा ने इसे अनुशासनहीनता करार दिया और इसके बाद अलग-अलग आदेशों को जारी करते हुए 224 राजस्वकर्मियों को निलंबित कर दिया. मार्च में इस हड़ताल में अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी भी साथ आ गए. उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई और 45 अधिकारियों के सस्पेंड कर दिया गया. सम्राट सरकार ने अब एक बड़ा फैसला लेते हुए सभी राजस्वकर्मियों और अधिकारियों का निलंबन रद्द कर दिया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अब सभी जिलाधिकारियों को इस बारे में आदेश जारी किया है. इसमें 11 फरवरी से 19 अप्रैल के बीच सस्पेंड किए गए कर्मियों की बहाली प्रक्रिया तुरंत शुरू करने के लिए कहा गया है. दरअसल राजस्व कर्मियों की लगभग ढाई महीने लंबी हड़ताल की वजह से कई जरूरी सरकारी काम ठप पड़ गए थे. इसकी वजह से दाखिल-खारिज, नामांतरण और जनगणना जैसे कामों पर गंभीर असर पड़ा था. निलंबन वापस होने के बाद राजस्व विभाग के इन कामों के अब फिर पटरी पर लौटने की उम्मीद है.
