बिहार में गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को गंगा नदी का निरीक्षण किया। उन्होंने नदी के बढ़ते जलस्तर की स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संभावित बाढ़ की स्थिति में आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और जान-माल की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी तैयारियां पहले से सुनिश्चित की जाएं। 3 सितंबर की सुबह पटना और आसपास के इलाकों में गंगा का जलस्तर कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 49.71 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां खतरे का निशान 48.60 मीटर है। यानी नदी खतरे के निशान से करीब 1.11 मीटर ऊपर बह रही है। वहीं दीघा घाट पर जलस्तर 51.60 मीटर दर्ज किया गया। इसके अलावा गांधी घाट पर जलस्तर 50.21 मीटर दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। पटना के मोकामा स्थित हाथीदह में गंगा का जलस्तर 42.96 मीटर पहुंच गया, जबकि यहां खतरे का निशान 41.76 मीटर है। इस तरह हाथीदह में भी गंगा खतरे के निशान से करीब 1.20 मीटर ऊपर बह रही है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग ने भी अलर्ट जारी किया है। जल संसाधन विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार पटना के गांधी घाट पर गुरुवार रात गंगा का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर सकता है। वहीं मोकामा के हाथीदह में 4 सितंबर की दोपहर गंगा के जलस्तर के HFL को पार करने की संभावना जताई गई है। इसके मद्देनजर प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रहने और नदी किनारे तथा निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। नदी, घाट, तटबंध और निचले इलाकों में अनावश्यक रूप से न जाएं। बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखें। प्रशासन द्वारा चिन्हित सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों की जानकारी रखें। नदी में स्नान, तैराकी और नाव से अनावश्यक आवागमन से बचें। नदी के किनारे सेल्फी लेने जैसी जोखिमपूर्ण गतिविधियों से पूरी तरह बचें। जरूरी दस्तावेज, दवाइयां, मोबाइल फोन, टॉर्च, पीने का पानी और अन्य आवश्यक सामान सुरक्षित रखें। अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। जलस्तर बढ़ने या बाढ़ की स्थिति में प्रशासन एवं बचाव दल के निर्देशों का तत्काल पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन अथवा राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के हेल्पलाइन नंबर 1070 पर सूचना दें।
