बलिया/बेगूसराय प्रखंड क्षेत्र के दियारा इलाके में आई बाढ़ ने करोड़ों की लागत से बने पुल की सच्चाई सामने ला दी है। पहली ही बाढ़ में ही सैदपुर ढाव में बने पुल का अप्रोच पथ बह जाने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। इससे यह पुल अब ग्रामीणों के लिए बेकार साबित हो रहा है। ग्रामीणों ने अप्रोच पथ निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों ने आक्रोश जताते हुए कहा, “जब पहली ही बाढ़ में सड़क बह गई तो करोड़ों रुपये की लागत से बने इस पुल का क्या फायदा? यह तो सिर्फ भ्रष्टाचार का नमूना है।” वहीं श्यामलाल पासवान ने कहा, “यह पुल अब हमारे किसी काम का नहीं। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे, बीमारों को अस्पताल ले जाना मुश्किल हो गया है।” ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार और विभाग की मिलीभगत से घटिया स्तर का काम कराया गया, जिसका नतीजा आज सामने है। हर साल इस क्षेत्र में बाढ़ आती है, फिर भी टिकाऊ और मजबूती से निर्माण नहीं किया गया। अप्रोच पथ ध्वस्त होने से स्कूली बच्चों, मरीजों और आमजन को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ज्ञात हो कि इस पुल के रास्ते बिशनपुर ,मीरैलीपुर, ताजपुर, शाहपुर, भवानंदपुर समेत कई अन्य गांव को जोड़ने वाली सड़क है,जिसका आवागमन पुल के कारण बाधित हो गया है। लोग पुल के नीचे से ही गुजरने को विवश हैं। वहीं आक्रोशित लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द मरम्मत और कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
