बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित करने की उठी मांग, सदर विधायक ने दिया पहल का भरोसा
अरुण मिश्र, ब्यूरो प्रमुख,
गोपालगंज,
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को गोपालगंज के Mainpur में गोंड समाज की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, अधिकार, शिक्षा, सामाजिक विकास और समाज के महापुरुषों के सम्मान से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में गोपालगंज सदर विधायक सुबाष सिंह एवं जिला कल्याण पदाधिकारी सहित गोंड समाज के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर तारकेश्वर गोंड, अभिनव गोंड, लालबाबू नेताम , अरुण गोंड, कंचन गोंड, सिंगलदीप गोंड, अजय गोंड, मुखिया मुकेश जी, टुनटुन पेंन्द्रो , भीम साह मंडावी, रमेश परस्ते, रतिकांत गोंड,संजय गोंड,सविंद्र गोंड एवं अंकित गोंड सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित करने की मांग
कार्यक्रम के दौरान गोंड समाज की ओर से धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। समाज के लोगों ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा आदिवासी समाज के गौरव, स्वाभिमान और संघर्ष के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा स्थापित होने से युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को उनके जीवन एवं संघर्ष से प्रेरणा मिलेगी।
गोंड समाज की मांग पर गोपालगंज सदर विधायक सुबाष सिंह ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि वे इस संबंध में जिला पदाधिकारी को पत्र लिखेंगे और प्रतिमा स्थापित करने की दिशा में आवश्यक पहल करेंगे। विधायक के आश्वासन पर समाज के लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की।
पौधारोपण कर दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर कार्यक्रम स्थल पर पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। विधायक, जिला कल्याण पदाधिकारी, जनप्रतिनिधियों और गोंड समाज के लोगों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज का प्रकृति से सदियों पुराना रिश्ता रहा है। जल, जंगल और जमीन की रक्षा आदिवासी संस्कृति और जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पौधारोपण के माध्यम से समाज ने प्रकृति संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर पर्यावरण सुनिश्चित करने का संदेश दिया।
शिक्षा और सामाजिक एकता को लेकर संकल्प
कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार, सरकारी योजनाओं का लाभ, संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता तथा समाज की नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए एकता, शिक्षा और जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। युवाओं को सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए समाज के विकास में योगदान देने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम के अंत में गोंड समाज की संस्कृति एवं पहचान को मजबूत करने, महापुरुषों का सम्मान करने, पर्यावरण संरक्षण और समाज की नई पीढ़ी को शिक्षा एवं विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प लिया गया।
विश्व आदिवासी दिवस का यह आयोजन गोंड समाज की एकजुटता, स्वाभिमान और सामाजिक चेतना का प्रभावशाली संदेश बनकर सामने आया।
अरुण मिश्र, ब्यूरो प्रमुख,
गोपालगंज,
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को गोपालगंज के Mainpur में गोंड समाज की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, अधिकार, शिक्षा, सामाजिक विकास और समाज के महापुरुषों के सम्मान से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में गोपालगंज सदर विधायक सुबाष सिंह एवं जिला कल्याण पदाधिकारी सहित गोंड समाज के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर तारकेश्वर गोंड, अभिनव गोंड, लालबाबू नेताम , अरुण गोंड, कंचन गोंड, सिंगलदीप गोंड, अजय गोंड, मुखिया मुकेश जी, टुनटुन पेंन्द्रो , भीम साह मंडावी, रमेश परस्ते, रतिकांत गोंड,संजय गोंड,सविंद्र गोंड एवं अंकित गोंड सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित करने की मांग
कार्यक्रम के दौरान गोंड समाज की ओर से धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। समाज के लोगों ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा आदिवासी समाज के गौरव, स्वाभिमान और संघर्ष के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा स्थापित होने से युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को उनके जीवन एवं संघर्ष से प्रेरणा मिलेगी।
गोंड समाज की मांग पर गोपालगंज सदर विधायक सुबाष सिंह ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि वे इस संबंध में जिला पदाधिकारी को पत्र लिखेंगे और प्रतिमा स्थापित करने की दिशा में आवश्यक पहल करेंगे। विधायक के आश्वासन पर समाज के लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की।
पौधारोपण कर दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर कार्यक्रम स्थल पर पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। विधायक, जिला कल्याण पदाधिकारी, जनप्रतिनिधियों और गोंड समाज के लोगों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज का प्रकृति से सदियों पुराना रिश्ता रहा है। जल, जंगल और जमीन की रक्षा आदिवासी संस्कृति और जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पौधारोपण के माध्यम से समाज ने प्रकृति संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर पर्यावरण सुनिश्चित करने का संदेश दिया।
शिक्षा और सामाजिक एकता को लेकर संकल्प
कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार, सरकारी योजनाओं का लाभ, संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता तथा समाज की नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए एकता, शिक्षा और जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। युवाओं को सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए समाज के विकास में योगदान देने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम के अंत में गोंड समाज की संस्कृति एवं पहचान को मजबूत करने, महापुरुषों का सम्मान करने, पर्यावरण संरक्षण और समाज की नई पीढ़ी को शिक्षा एवं विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प लिया गया।
विश्व आदिवासी दिवस का यह आयोजन गोंड समाज की एकजुटता, स्वाभिमान और सामाजिक चेतना का प्रभावशाली संदेश बनकर सामने आया।
