धमाल 2 की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टारकास्ट है. अजय देवगन, रितेश देशमुख, अरशद वारसी और जावेद जाफरी को एक बार फिर साथ देखकर पुरानी धमाल की यादें ताज़ा हो जाती हैं. इसी वजह से फिल्म से उम्मीदें भी काफी बढ़ जाती हैं. इस बार भी पूरी कहानी एक खजाने के इर्द-गिर्द घूमती है. करीब 100 साल पुराने खजाने तक पहुंचने के लिए OG गैंग एक ऐसे सुराग के पीछे भागती है, जिसे पाकर वे अरबपति बन जाएंगे. लेकिन अफसोस, यही ट्रैक पूरी फिल्म में बार-बार दोहराया जाता है. कहानी में न कोई बड़ा ट्विस्ट है और न ही ऐसा रोमांच जो आपको सीट से बांधे रखे. फिल्म का निर्देशन इंद्र कुमार ने किया है. उन्होंने एक बार फिर पुराने धमाल वाला फॉर्मूला दोहराने की कोशिश की है, लेकिन इस बार बात बनती नजर नहीं आती. 2007 वाली कॉमेडी आज के दौर में वैसा असर नहीं छोड़ती. दर्शकों का टेस्ट बदल चुका है, लेकिन फिल्म उसी पुराने अंदाज़ पर टिकी हुई है. सबसे बड़ी दिक्कत यही है कि न कहानी पकड़ बनाती है और न ही ज्यादातर कॉमिक सीन हंसा पाते हैं. पूरी फिल्म में मुश्किल से 5-6 ऐसे मौके आते हैं जहां सच में हंसी आती है. अगर किसी ने सबसे ज्यादा एंटरटेन किया है तो वो हैं संजय मिश्रा. उनकी कॉमिक टाइमिंग आज भी कमाल की है और फिल्म के ज़्यादातर अच्छे मोमेंट्स उन्हीं के हिस्से आते हैं. अजय देवगन ठीक-ठाक लगे हैं. संजय मिश्रा के साथ उनके सीन सबसे बेहतर बन पड़े हैं, लेकिन अजय से उनके फैंस इससे कहीं ज्यादा की उम्मीद करेंगे. रितेश देशमुख के हिस्से भी कुछ अच्छे मोमेंट्स आए हैं. खासकर एक सीन, जिसमें वो मजाक-मजाक में निर्देशक इंद्र कुमार की “रंगीन पर्सनैलिटी” पर तंज कसते हैं, वो सीन अच्छा लगता है. अरशद वारसी और जावेद जाफरी अपने पुराने अंदाज़ में नजर आते हैं, लेकिन इस बार उनके किरदारों को उतना दमदार लिखा ही नहीं गया। रवि किशन एक अतरंगी पाइरेट के रोल में हैं, लेकिन उनका किरदार खास असर नहीं छोड़ता. वहीं संजीदा शेख, अंजलि आनंद और ईशा गुप्ता भी फिल्म का हिस्सा हैं. अच्छा काम किया है सभी ने, लेकिन कहानी भी तो अच्छी होनी चाहिए. फिल्म का VFX काफी कमजोर है. कई सीन्स नकली लगते हैं और बड़े पर्दे पर उसका असर साफ दिखाई देता है। लगता है कि इस हिस्से पर और मेहनत की जा सकती थी. धमाल 2 देखकर यही लगता है कि हर हिट फिल्म को फ्रेंचाइज़ी में बदलना जरूरी नहीं होता. सिर्फ पुरानी स्टारकास्ट और नॉस्टैल्जिया के भरोसे दर्शकों को लंबे समय तक एंटरटेन नहीं किया जा सकता. अगर आप सिर्फ OG गैंग को फिर से साथ देखना चाहते हैं, तो एक बार फिल्म देख सकते हैं. लेकिन अगर आप पहली धमाल जैसी हंसी और मज़ेदार कॉमेडी की उम्मीद लेकर जा रहे हैं, तो ये फिल्म शायद आपको निराश करे.
इंद्र कुमार के निर्देशन में बनी फिल्म धमाल 4 आज सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है.
