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गुरुग्राम में फिल्मी स्टाइल में 4 शूटर एनकाउंटर में ढेर, गोलियों की आवाज से दहला शहर; इतिहास में ऐसी पहली कार्रवाई

रात करीब 11 बजे। सुशांत लोक फेज-1 के ए ब्लॉक की सड़कों पर सन्नाटा। अचानक रुकती है एक स्कॉर्पियो। दरवाजे खुलते हैं और हाथों में हथियार लिए पांच लोग उतरते हैं। निशाना- एसजीटी यूनिवर्सिटी के संस्थापक के बेटे और बिजनेसमैन विशाल बेरी का घर। घर के अंदर और आसपास सादी वर्दी में तैनात पुलिस की नजरें टिकी थीं। अगले ही पल गोलियों की तड़तड़ाहट… और शुरू हुआ वो एक्शन जो किसी फिल्म से कम नहीं था…।गुरुग्राम पुलिस की क्राइम ब्रांच और दीपक नांदल गैंग के शूटरों के बीच गुरुवार रात सुशांत लोक फेस-1 ए ब्लॉक में भीषण मुठभेड़ हुई। इस दौरान दोनों तरफ से 40 से ज्यादा राउंड फायरिंग हुई। इस मुठभेड़ में चार शूटर मारे गए, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। फायरिंग में गुरुग्राम पुलिस के तीन जवान भी घायल हुए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गुरुग्राम के इतिहास में शायद यह पहली बार हुआ है, जब एक ही मुठभेड़ में चार अपराधियों को मार गिराया गया हो। 1995 से अब तक गुरुग्राम में गैंगवार और एनकाउंटर होते रहे हैं, लेकिन उसमें या तो 1-2 बदमाश मारे गए या फिर आपसी गैंगवार में मौतें हुईं। एक साथ चार शूटरों का ढेर होना पुलिस के लिए भी अभूतपूर्व है। सेवानिवृत्त एडीजीपी रेशम पाल सिंह का भी मानना है कि 1990 के बाद से ऐसा गुरुग्राम या हरियाणा में सामने नहीं आया कि चार लोगों का एनकाउंटर एक साथ हुआ हो। मुठभेड़ में मारे गए चार शूटरों में एक फतेहाबाद के टोहाना का और तीन रोहतक के रहने वाले थे। वहीं, घायल हुए पांचवें शूटर का संबंध नूंह से बताया जा रहा है। सभी की आपराधिक पृष्ठभूमि और गैंग से जुड़ाव की गहनता से जांच की जा रही है। बरामद हथियारों को भी एफएसएल टीम ने कब्जे में ले लिया है। पुलिस के अनुसार, विदेश में बैठे गैंगस्टर दीपक नांदल ने विशाल बेरी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। पिछले एक हफ्ते से लगातार धमकी भरे मैसेज आ रहे थे। खतरे को देखते हुए विशाल बेरी के घर के अंदर और आसपास सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया था। घटना के समय घर में विशाल बेरी, उनकी पत्नी और 2-3 घरेलू सहायक मौजूद थे। जैसे ही शूटरों ने घर पर फायरिंग शुरू की, घर के अंदर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही सेक्टर-40 क्राइम ब्रांच और क्राइम ब्रांच-17 व 39 की टीमें, जो पहले से ही आसपास मौजूद थीं, हरकत में आ गईं। तीनों टीमों ने शूटरों को तीन तरफ से घेर लिया। क्राइम ब्रांच टीम ने शूटरों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन जवाब में उन पर ही जानलेवा फायरिंग की गई। शूटर भागने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका दहल उठा। कुछ ही मिनटों में माहौल युद्ध का मैदान बन गया। पुलिस की फायरिंग में स्कॉर्पियो में सवार सभी पांच शूटर घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने चार अपराधियों को मृत घोषित कर दिया। एक अपराधी का इलाज अभी जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, तीनों की हालत स्थिर है और उन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। गुरुग्राम पुलिस ने कहा कि मृत और घायल अपराधियों की पहचान, उनके आपराधिक रिकॉर्ड और बरामद हथियारों की पूरी जानकारी जल्द साझा की जाएगी।

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