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अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट में हाई कोर्ट का अहम फैसला, 38 दोषियों की फांसी की सजा बरकरार, 56 लोगों की गई थी जान

गुजरात में 18 साल पहले हुए अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में दोषी करार दिए गए 38 आतंकियों की फांसी की सजा बरकरार रहेगी. वहीं, 11 आतंकियों को मिली उम्र कैद की सजा भी जारी रहेगी. दरअसल, साल 2022 में विशेष अदालत ने 38 दोषियों को फांसी की सजा और 11 को उम्र कैद की सजा सुनाई थी, जिसपर हाई कोर्ट ने अपनी मुहर लगा दी है. जस्टिस एवाई कोगजे और जस्टिस समीर दवे की बेंच ने विशेष अदालत के फैसले के खिलाफ दायर सभी अपीलों को खारिज कर दिया और आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन  के सदस्यों को सुनाई गई सजाओं की पुष्टि करते हुएउसके फैसले को बरकरार रखा. अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस में डेथ रिफरेंस और अपीलों के मामले पर हाई कोर्ट में आज फैसला सुनाया गया है. साल 2022 में स्पेशल कोर्ट ने 38 आतंकियों को सजा-ए-मौत दी थी. यह आतंकी साजिश 26 जुलाई 2008 को रची गई थी जिनमें 56 लोगों की मौत हो गई थी और 200 से ज्यादा घायल हुए थे. इसी के साथ हाई कोर्ट ने पीड़ितों को मुआवजा देने का भी आदेश दिया है. मारे गए 56 लोगों के परिवार को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा और 200 से ज्यादा घायलों को 1-1 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. यह वो आतंकी हमला था जिसने पूरे देश को दहला दिया था. बमों को टिफिन बॉक्स में छुपाया गया था. बसों, अस्पतालों और बाजारों में ये बम रखे गए थे, जहां भारी भीड़ जमा होती है. कहा जाता है कि ये धमाके साल 2002 गुजरात दंगों का बदला लेने के लिए किए गए थे. इस मामले में 78 लोगों को आरोपी बनाया गया था और 35 अलग-अलग मामले दर्ज हुए थे. इनकी सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट बनाई गई थी. करीब 14 साल की लंबी सुनवाई के बाद फरवरी 2022 में स्पेशल कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया था.

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