प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मंगलवार को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे. इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर के बीच कनेक्टिविटी काफी बेहतर हो जाएगी. माना जा रहा है कि यह एक्सप्रेस-वे न सिर्फ यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि उत्तराखंड के विकास के लिए भी नए रास्ते खोलेगा. करीब 210 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली को देहरादून से जोड़ता है और रास्ते में बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर जैसे महत्वपूर्ण शहरों को कनेक्ट करता है. इसके बनने से दिल्ली से देहरादून का सफर अब लगभग 6 घंटे से घटकर सिर्फ 2.5 घंटे में पूरा हो सकेगा, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी. यह एक्सप्रेस-वे केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के लिए भी फायदेमंद साबित होगा. इससे करीब 25 बड़े आर्थिक केंद्रों के बीच सीधी कनेक्टिविटी स्थापित होगी. बेहतर सड़क सुविधा से व्यापार, पर्यटन और उद्योग को नई गति मिलेगी. इस परियोजना के शुरू होने से उत्तराखंड में पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. देहरादून, मसूरी और आसपास के पर्यटन स्थलों तक पहुंचना अब पहले से आसान और तेज हो जाएगा. इससे होटल, ट्रैवल और अन्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. साथ ही, निवेश बढ़ने से राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. इस एक्सप्रेस-वे की खास बात यह है कि इसे पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है. इसका 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर राजाजी नेशनल पार्क के ऊपर से गुजरता है, जो एशिया का सबसे लंबा ऐसा कॉरिडोर माना जा रहा है. इसके अलावा, सोलर लाइटिंग, वर्षा जल संरक्षण और शोर नियंत्रण जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है. आपको बता दें कि एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों की सुविधा के लिए पेट्रोल पंप, ई-चार्जिंग स्टेशन, फूड कोर्ट, रेस्तरां, फर्स्ट-एड और एंबुलेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. यह एक एक्सेस-कंट्रोल्ड, मल्टी-लेन और ईको-फ्रेंडली हाईवे है, जिसे लगभग 13,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है. दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे, अंबाला-शामली एक्सप्रेस-वे और सहारनपुर-हरिद्वार एक्सप्रेस-वे से भी जोड़ा गया है. इससे यात्रियों को अलग-अलग दिशाओं में आसानी से सफर करने का ऑप्शन मिलेगा.
