नेपाल इस समय अपने यहां भीषण प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है. तिब्बत के रास्से आई बाढ़ ने नेपाल में खासी तबाही मचाई है. भारी जान-माल का नुकसान हुआ है. भारत लगातार मदद में जुटा हुआ है और राहत सामग्री भेज रहा है. इस बीच वहां के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने बताया कि पद संभालने के बाद प्रधानमंत्री बालेन शाह की पहली विदेश यात्रा भारत की होगी और सरकार इसे साल के आखिर से पहले फिक्स करने की योजना बना रही है. राजधानी काठमांडू एक कार्यक्रम में नेपाली वित्त मंत्री ने दावा करते हुए कहा कि तारीखों पर अभी काम चल रहा है, लेकिन यात्रा की जगह को लेकर कोई कन्फ्यूजन नहीं है. उन्होंने कहा, “पद संभालने के बाद, (बालेन) स्थानीय मसलों पर बहुत ज्यादा ध्यान दे रहे थे. कम से कम शुरुआती 100 दिन हमारे 100-पॉइंट वाले एजेंडे पर केंद्रित थे, और हमने खुद को उस पर 87.2 फीसदी रेटिंग दी है.” स्वर्णिम वागले ने कहा, “फिर, हमने प्रधानमंत्री शाह की विदेश यात्राओं पर चर्चा शुरू की है. मुझे पूरा भरोसा है कि उनकी पहली विदेश यात्रा भारत की होगी. बस तारीखें तय करनी रह गई है, लेकिन मुझे बहुत उम्मीद है कि यह साल के आखिर से पहले हो जाएगा.” इस दौरान वागले के साथ मौजूद भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ सांसद रविशंकर प्रसाद ने इस ऐलान को काफी बताया. उन्होंने कहा, “भारत और नेपाल के बीच संबंधों की नींव बहुत मजबूत है. आप उन्हें पासपोर्ट या भौगोलिक सीमाओं के जरिए अलग नहीं कर सकते. अगर आज (वागले ने) यह पक्के तौर पर कहा है कि प्रधानमंत्री शाह की पहली यात्रा भारत की होगी, तो यह दिखाता है कि रिश्ते कैसे होने वाले हैं, यह बहुत ही खास है.” नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह 36 साल के हैं, जो एक इंजीनियर और रैपर भी हैं. वह साल 2022 से काठमांडू के मेयर भी रहे. इस साल मार्च में आम चुनाव के बाद उन्होंने 27 मार्च को पीएम पद की शपथ ली. चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की जबरदस्त जीत मिली और शाह पीएम बने. पिछले साल सितंबर 2025 में Gen Z के भारी विरोध प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन सरकार को सत्ता से हटना पड़ा . पार्टी के उपाध्यक्ष वागले देश के नए वित्त मंत्री बने. नेपाली पीएम शाह के पहले विदेश दौरे को लेकर लंबे समय से कयास चल रहे हैं. लेकिन उनके पहले दौरे को लेकर स्थिति साफ नहीं हो सकी थी. इससे पहले पिछले महीने भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि पीएम शाह को भारत आने का न्योता दिया गया है. जुलाई के आखिरी हफ्ते में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से पूछा गया कि भारत ने नेपाल के प्रधानमंत्री को यहां आने के लिए आमंत्रित किया है या नहीं? जवाब में प्रवक्ता ने कहा- “हां, नेपाल के प्रधानमंत्री को भारत आने का निमंत्रण दिया गया है.” फिर समाचार एजेंसी एएनआई ने दावा किया कि प्रधानमंत्री शाह ने भारत का न्योता स्वीकार कर लिया है और बहुत जल्द पड़ोसी देश की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे. हालांकि अभी यह तय नहीं हो पाया है कि वो भारत कब आएंगे. अमूमन नेपाल के प्रधानमंत्री का पद संभालने वाले नेता पद ग्रहण करने के तुरंत बाद ही भारत या चीन का दौरा करते रहे हैं, हालांकि शाह को पीएम बने 5 महीने से अधिक का वक्त हो गया है लेकिन परंपरा से हटकर अभी तक किसी भी पड़ोसी देश की यात्रा नहीं की है. हालांकि नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल जून (5 जून से 7 जून) में 3 दिन के आधिकारिक दौरे पर भारत आए थे.
