नीट परीक्षा को लेकर हुए छात्र आंदोलन के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा को तैयार है, आप विपक्ष से बात करके तय करिए. अमित शाह ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने BAC बैठक में सरकार की ओर से NEET परीक्षा पर चर्चा के लिए सहमति दी थी, विपक्ष की मांग पहले भी स्वीकार की जा चुकी है. पत्र में कहा गया है कि विपक्ष के आग्रह पर इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सरकार पहले ही सहमति दे चुकी थी. अमित शाह ने कहा कि मौजूदा सत्र में विदेशी अंशदान (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा हो चुकी है. पत्र के मुताबिक, FCRA बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष के किसी भी सांसद ने NEET परीक्षा के संबंध में सदन में कोई विचार व्यक्त नहीं किया. अमित शाह ने कहा कि इसके बावजूद सरकार NEET के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है. पत्र में अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि आप विपक्ष से चर्चा कर आपसी सहमति से आज से जितने समय, जितने घंटे आप उचित समझें, उतना समय आवंटित करने की कृपा करें. अमित शाह ने कहा, ‘मैं निर्धारित समय के दौरान सदन में उपस्थित रहकर इस मुद्दे पर चर्चा में भाग लेना चाहता हूं और विपक्ष के सभी प्रश्नों का उत्तर देने के लिए तैयार हूं. लोकतंत्र में चर्चा और संवाद से ही समाधान निकलता है. मेरा लोकतंत्र और लोकतांत्रिक संस्थाओं में अटूट विश्वास है और मेरा यह मानना है कि यह सदन चर्चा और संवाद के लिए ही है’. वहीं, संसद के बाहर बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है. उन्होंने विपक्ष पर इस मुद्दे पर बहस होने देने के बजाय संसद को अवरुद्ध करने का आरोप लगाया और कहा कि अब विपक्ष को यह तय करने दीजिए कि वह चर्चा चाहता है या हंगामा करना चाहता है. उन्होंने आगे कहा कि संसदीय नियमों में एक अलग बयान की मांग के बजाय विस्तृत बहस का प्रावधान है.
