सगुना मोड़ स्थित एक होटल में पैम्पर एन्ड केयर फाउंडेशन द्वारा “नारी शक्ति संवाद 2026” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारी संख्या में महिला व युवा लड़कियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में शामिल लोगों से इसे महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित एक प्रेरणादायक पहल बताया। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री माननीय नारायण प्रसाद द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वास्थ्य जागरूकता को समाज के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि एवं वक्ता के रूप में मणिका विश्वकर्मा (Miss Universe India 2025) की गरिमामयी उपस्थिति रही,जिन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। रोज मर्रा की जिंदगी में महिलाओं को काफी समस्याएं हैं उनपर खुल कर बात करना चाहिए। मणिका ने कहा सबसे पहले हमे खुद से प्यार करना आना चाहिए। एक महिला चाहें तो दुनिया बदल सकती है। पहली बार बिहार आने पर उन्होंने बिहार को एतिहासिक रूप से समृद्ध बताया। उन्होंने आगे कहा बिहार में अपार प्रतिभाएं हैं बस जरूरत हैं उन्हें संभालने की। एक महिला चाहे तो दुनिया बदल सकती हैं। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित के मुद्दे को सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम के आयोजक व पैम्पर केयर एन्ड फाउंडेशन के निदेशक ज्ञान रंजन ने बताया कि “नारी शक्ति संवाद 2026” का उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना और महिलाओं को उनके अधिकारों एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना है। संस्था द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास जारी रहेगा। मिस यूनिवर्स इंडिया के नेशनल पीआर डायरेक्टर सर्वेश कश्यप ने इस कार्यक्रम को महिला सशक्तिकरण व जागरूकता के उद्देश्य से सबसे बेहतर बताया उन्होंने आगे कहा ऐसी आयोजन कइयों को प्रेरणा देती है। कार्यक्रम में अन्य प्रमुख वक्ताओं में शामिल रहीं: कल्पना सिंह (स्त्री रोग विशेषज्ञ, IGIMS, पटना) अंकिता (मनोवैज्ञानिक एवं मोटिवेशनल स्पीकर) टिंकी गिरी (प्रधानाचार्य, माउंट लिट्रा जी स्कूल, खगौल) इन सभी वक्ताओं ने अपने-अपने अनुभव और विशेषज्ञता के माध्यम से महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता, मानसिक सशक्तिकरण और सामाजिक भागीदारी पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सहभागिता देखने को मिली, जिससे यह पहल एक प्रभावशाली संवाद मंच के रूप में उभरी।
