तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने परिसीमन बिल का जोरदार विरोध करते हुए उसकी कॉपी जला दी. उन्होंने केंद्र के इस प्रस्तावित कानून को “काला कानून” बताया. स्टालिन का कहना है कि अगर ये लागू हुआ, तो तमिल लोगों को अपनी ही जमीन पर हाशिये पर धकेल दिया जाएगा. ये तमिल लोगों को उनकी ही धरती पर शरणार्थी बना देगा. एमके स्टालिन ने वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर की. पढ़ें उन्होंने बीजेपी को लेकर क्या कहा? तब, तमिलनाडु में हिंदी के खिलाफ जो विरोध की आग भड़की थी, उसने दिल्ली तक को झुलसा दिया था. हमारी आग तब ही शांत हुई जब दिल्ली झुकी! आज, मैंने एक और आग जलाई है, उस काले कानून की प्रति जलाकर, जो तमिलों को उनकी ही जमीन पर शरणार्थी बना देता है. ये आग भी पूरे द्रविड़ भूमि में फैलेगी और बीजेपी के घमंड को दबा देगी. तमिल हमारी जन्मदात्री मां है. तमिल हमारी भाषा है और हमारे दिल के अंदर जलने वाली ताकत है. चेन्नई में डीएमके के मुख्यालय ‘अन्ना अरिवालयम’ समेत कई जगहों पर काले झंडे लगाए गए. कमल हासन की पार्टी मक्कल निधि मय्यम और वाइको की एमडीएमके के दफ्तरों पर भी ये झंडे दिखे. द्रमुक के सहयोगी दलों ने शहर के प्रमुख इलाकों में काले झंडे लगाकर विरोध जताया. द्रमुक के दिवंगत वरिष्ठ नेता एम. करुणानिधि के चेन्नई-गोपालपुरम स्थित आवास पर भी काला झंडा देखा गया. चेन्नई में मुख्यमंत्री के आवास और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों के घरों पर भी काले झंडे लगे दिखे.
