दिल्ली-NCR प्रदूषण मामले पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई. इस दौरान सीजेआई ने जहरीली हवा के मुद्दे पर चिंता जताते हुए कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने केंद्र सरकार को कुछ ऐसे सुझाव भी दिए, जिससे हवा में जुले जहर को बहुत हद तक कम किया जा सकता है. इस दौरान केंद्र सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि कैसे प्रदूषण के स्तर में पहले के मुकाबले कमी आई है. वहीं अमिकस क्यूरी अपराजिता सिंह ने प्रदूषण बढ़ने की वजह बताई. सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई ने क्या-क्या कहा, जानें
- राज्यों की सरकारी एजेंसियों और निगमों के माध्यम से पराली के स्टोरेज की व्यवस्था की जा सकती है
- ऐसे लोग भी मिल सकते हैं जो पराली के लिए वेयरहाउस उपलब्ध करा सकें, इससे उनको भी कमाई होगी
- अधिकारियों ने एक निश्चित दर पर किसानों से पराली खरीदने का प्रस्ताव दिया था
- पराली खरीदने की दर पहले ही अधिसूचित की जानी चाहिए
- मशीनें ग्राम पंचायतों को दी जानी चाहिए, क्योंकि व्यक्तिगत किसान इन्हें खरीदने और इनका खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं
- पराली को लेकर केवल बयान देने से काम नहीं चलेगा, किसानों के बीच जागरूकता और शिक्षा की जरूरत है
- किसानों को पराली के आर्थिक महत्व और उससे होने वाले फायदे समझ आएंगे तो वे उसे जलाने के बजाय अपने पास रखना पसंद करेंगे
- कुछ किसान शुरुआत में इसके लिए तैयार नहीं होंगे, लेकिन इस प्रक्रिया में समय लगेगा
- तंज भरे अंदाज में कहा ‘उम्मीद है आप सभी दिल्ली के मौसम का आनंद ले रहे होंगे
- प्रदूषण का एक बड़ा कारण वाहनों से होने वाला उत्सर्जन है
- दिल्ली को NCR से जोड़ने वाली सड़कों पर बंपर-टू-बंपर वाहन चलते दिखाई देते हैं, जाम की स्थिति चिंताजनक है
- दिल्ली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर्याप्त नहीं है, इसीलिए बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों का इस्तेमाल करते हैं
- प्रदूषण के लिए क्या केवल पराली जिम्मेदार है या अमीर वर्ग और उनके वाहनों से होने वाला प्रदूषण भी बड़ी समस्या है
- किसानों पर दोष मढ़ने से काम नहीं चलेगा, परिवहन, ऊर्जा और कचरा प्रबंधन जैसे स्थानीय कारणों पर भी गंभीरता से काम करना होगा
