बिहार के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने के लिए स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में जल्द ही सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों के जरिए पटना स्थित कंट्रोल रूम से अस्पतालों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। बुधवार को पटना स्थित जदयू प्रदेश कार्यालय में जनता दरबार के दौरान आम लोगों की समस्याएं सुनने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कई अस्पतालों में डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ के समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंचने की शिकायतें मिलती रहती हैं। इसे गंभीर समस्या बताते हुए उन्होंने कहा कि सीसीटीवी निगरानी के जरिए कर्मचारियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई होगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में कुल 504 प्रकार की दवाइयां उपलब्ध कराने का प्रावधान है, लेकिन फिलहाल करीब 350 तरह की दवाइयों का ही वितरण हो रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी निर्धारित दवाइयों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। निशांत ने कहा कि अस्पतालों में एमआरआई, सीटी स्कैन और अन्य जरूरी मशीनों के संचालन और रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि अस्पताल में मशीनें मौजूद हों, लेकिन महीनों या वर्षों तक बंद पड़ी रहें। यदि किसी अस्पताल में तकनीशियन या ऑपरेटर की कमी है, तो उनकी नियुक्ति की जाएगी, ताकि मरीजों को जांच के लिए भटकना न पड़े। बिहार में लगातार हो रहे सड़क हादसे को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने बड़ा ऐलान किया है। निशांत कुमार ने कहा कि हम जल्द नेशनल हाईवे/स्टेट हाईवे पर 100 एम्बुलेंस लगाने जा रहे हैं। उन्होंने ट्रॉमा सेंटर बनाने की भी बात हो रही है। इसके तहत 11 लेबल 3 का ट्रामा सेंटर बनाने की बात चल रही है जबकि 5 लेबल 3 का अस्पताल बनाने की भी बात हो रही है।
